दिल मेरा खुश

 

दिल मेरा खुश
दिल मेरा खुश



दिल मेरा खुश

आज करे महसूस

मिल गया है मंजिल इसे कास

दिलको मिला दिल की ईंधन

तुम जो आए लौट मेरे पास।


आओ जी जरा

ये नया सबेरा

करलें जरा मीठी भरा इश्क़

आखों में मेरे मिलाओ आखनें

करलें बड़ा नया कोई दोष।


देखो सारे फूल

कितने अनमोल

मोती ऊपर पडाहूआ ओस

लगता जैसी चाँद रात में

हुआ होगा दुःखी कोई खास।


पूछें जरा फूलोंको भी

उसे कोई पता होगा कास

सुनलेते हैं दिलकी बातें

जो हुआ था सूरज-चाँद रास।


मैं हूं प्रेमी

तुम हेना फूल

प्रेम रतन धन अनमोल

डूबने दो ना प्रेम सागर में

करलें हुम् भी ऐसी कोई भूल।


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